डायबिटीज में पैर काटने से कैसे बचें? सूरत के Dr. Ashutosh Shah से जानें सही इलाज

डायबिटीज के मरीजों में सबसे बड़ा डर यही होता है “कहीं डॉक्टर पैर काट न दें।” यह डर इतना गहरा होता है कि कई मरीज़ पैर में घाव होने पर भी डॉक्टर के पास नहीं जाते। नतीजा? घाव और गहरा हो जाता है और फिर सच में ऑपरेशन की नौबत आ जाती है।
सच यह है: डायबिटिक फुट के अधिकतर मामलों में पैर काटना जरूरी नहीं होता, अगर सही समय पर सही इलाज मिले।
सूरत के Elegance Diabetic Foot & Ulcer Clinic (EDFC) में डॉ. आशुतोष शाह वर्ष 2004 से डायबिटिक फुट के मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य है: पैर बचाओ, जीवन बचाओ।
डायबिटीज में पैर क्यों काटना पड़ता है?
डायबिटीज धीरे-धीरे नसों (neuropathy) और खून की नलियों (blood vessels) को नुकसान पहुंचाती है। इससे:
- पैर में छोटी चोट भी महसूस नहीं होती
- घाव अंदर से गहरा होता रहता है
- इन्फेक्शन तेज़ी से फैलता है
- हड्डी तक इन्फेक्शन पहुंच जाती है, तब ऍम्प्यूटेशन की जरूरत पड़ सकती है
लेकिन अगर घाव Stage 1, 2 या 3 पर पहचाना जाए और सही क्लिनिक में दिखाया जाए, तो डायबिटिक फुट की ज़्यादातर स्थितियों का इलाज बिना ऍम्प्यूटेशन के हो सकता है।
EDFC सूरत में पैर काटने से कैसे बचाया जाता है?
1. घाव की गहराई का सटीक परीक्षण
EDFC में घाव की गहराई, हड्डी तक इन्फेक्शन है या नहीं, और खून का प्रवाह कितना है, इन सबकी जांच की जाती है। इससे सही इलाज तय होता है, अनुमान से नहीं।
2. Debridement – घाव की सफाई
घाव के अंदर का मरा हुआ टिशू हटाया जाता है – सटीक तकनीक से। यह घाव को आगे फैलने से रोकता है और नया टिशू उगने देता है। यह नॉन-सर्जिकल घाव प्रबंधन का पहला और सबसे ज़रूरी कदम है।
3. Targeted Antibiotic Therapy
इन्फेक्शन का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को लैब टेस्ट से पहचाना जाता है। फिर उसी के अनुसार दवाई दी जाती है न कि general antibiotic। यह तरीका कहीं ज़्यादा असरदार है।
4. Revascularisation- खून का रास्ता खोलना
अगर पैर में खून कम पहुंच रहा है, तो घाव ठीक नहीं होगा, चाहे कितनी भी दवा दो। डॉ. शाह vascular procedures से खून का प्रवाह फिर से शुरू करते हैं। यह ऍम्प्यूटेशन टालने का सबसे ज़रूरी कदम है।
5. Advanced Wound Dressings
EDFC में आधुनिक ड्रेसिंग जैसे bioactive dressings और negative pressure wound therapy (NPWT) इस्तेमाल होती हैं , जो घाव को अंदर से ठीक करती हैं।
6. Skin Grafting और Flap Surgery
जब घाव बड़ा हो और बंद करना ज़रूरी हो, तो skin graft या flap surgery से घाव को ढका जाता है, पैर की संरचना बचाते हुए।
सूरत में कब और कहाँ दिखाएं?
नीचे दिए किसी भी लक्षण में तुरंत EDFC सूरत आएं:
- 2 हफ्ते से ज़्यादा समय से घाव न भरे
- घाव से पस, बदबू या खून आए
- कोई उंगली या हिस्सा काला पड़ जाए
- पैर सूजा हो, गर्म हो या लाल हो
- पैर में सुन्नपन, जलन या झनझनाहट हो
- शुगर अनकंट्रोल हो और पैर में कोई बदलाव हो
48 घंटे इंतजार मत करें। अभी अपॉइंटमेंट लें , फोन: +91 88490 66499
डॉ. आशुतोष शाह — सूरत के डायबिटिक फुट स्पेशलिस्ट
डॉ. आशुतोष शाह कोयंबटूर के विश्वप्रसिद्ध Ganga Hospital में ट्रेनिंग के बाद सूरत में EDFC क्लिनिक चला रहे हैं। वे plastic surgery, microvascular surgery और wound care, तीनों expertise एक ही छत के नीचे लाते हैं।
गुजरात भर से और UK, USA से भी, मरीज यहाँ आते हैं। डॉ. शाह के बारे में जानें | हमारी सेवाएं देखें | डायबिटिक फुटवेयर | संपर्क करें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में 7.7 करोड़ से ज़्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। समय पर इलाज से पैर और जीवन बचाया जा सकता है।
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Frequently Asked Questions
नहीं — हर बार नहीं। Stage 1, 2 और 3 में पैर काटे बिना इलाज संभव है। Stage 4 (localised gangrene) में भी अक्सर सिर्फ प्रभावित हिस्सा हटाया जाता है। डॉ. आशुतोष शाह EDFC सूरत में हर limb salvage option पहले आज़माते हैं।
जैसे ही पैर में घाव दिखे — चाहे छोटा हो — 48 घंटे के अंदर किसी डायबिटिक फुट स्पेशलिस्ट को दिखाएं। घर पर हल्दी, नारियल तेल या कपड़ा बांधकर इंतजार न करें। EDFC सूरत में तुरंत अपॉइंटमेंट लें।
डॉ. आशुतोष शाह को सूरत में डायबिटिक फुट के सबसे अनुभवी स्पेशलिस्ट में से एक माना जाता है। वे 2004 से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं और Ganga Hospital में ट्रेन हुए हैं। EDFC क्लिनिक, सूरत में उनसे मिलें।
खर्च घाव की गंभीरता और ज़रूरी प्रक्रिया पर निर्भर करता है। EDFC सूरत में पहले कंसल्टेशन के दौरान इलाज का पूरा रोडमैप और खर्च बताया जाता है। फोन करें: +91 88490 66499
यह आपातकालीन स्थिति है। घाव से बदबू आना गहरे इन्फेक्शन का संकेत है। तुरंत EDFC सूरत में संपर्क करें — elegancediabeticfoot.com/contact-us या +91 88490 66499।

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